Green Coffee अर्क कैसे काम करता है

अविश्वसनीय रूप से वजन कम करना बहुत ही मुश्किल हो सकता है. इस कारण से, मुश्किलों को आसान बनाने के लिए लोग सभी तरह के सप्लीमेंट का उपयोग करने लग गए हैं.

Green Coffee बीन एक्सट्रैक्ट उनमें से एक है …. इस समय यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय वजन घटाने के सप्लीमेंट्स में से एक है.

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह सप्लीमेंट green coffee बीन्स से निकाला जाता है .

इसमें क्लोरोजेनिक एसिड नामक एक पदार्थ होता है, जिसे वजन घटाने के असर के लिए जिम्मेदार माना जाता है.

२०१२ में डॉ. ओज़ी ने Green Coffee अर्क की विधि को प्रचलित किया था. वह एक अमेरिकी टीवी डॉक्टर और शायद दुनिया के सबसे प्रसिद्ध स्वास्थ्य “गुरु” हैं.

मैं सामान्य रूप से सप्लीमेंट्स की एक बड़ी प्रशंसक हूं, लेकिन जब वजन घटाने के सप्लीमेंट्स की बात आती है तो मैं संदेह से घिर जाती हूँ क्योंकि जैसा विज्ञापन में दिखाया जाता है, उस तरह से वे कभी भी काम नहीं करते हैं.

यह लेख Green Coffee बीन्स के अर्क पर विस्तृत रूप में चर्चा करता है … यह क्या है, यह कैसे काम करता है और विज्ञान की इसके बारे में क्या राय है.

Green Coffee बीन्स क्या हैं?

Green Coffee बीन्स मूल रूप से न भूंजे गए कॉफी के बीज हैं.

कॉफी बीन्स स्वाभाविक रूप से हरे होते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को बेचे जाने से पहले आमतौर पर उन्हें भूना जाता है. यही प्रक्रिया उन्हें भूरा बनाती है.

जैसा कि हम जानते हैं … कॉफी बीन्स में एंटीऑक्सीडेंट और फार्माकोलॉजिकल रूप से सक्रिय यौगिक भरे हुए होते हैं. इनमे सबसे महत्वपूर्ण दो तत्व कैफीन और क्लोरोजेनिक एसिड हैं.

क्लोरोजेनिक एसिड को Green Coffee बीन्स में मुख्य सक्रिय घटक माना जाता है. यही वह पदार्थ है जो वजन घटाने के प्रभाव को पैदा करता है.

दुर्भाग्यवश …. जब कॉफी बीन्स को भूना जाता है तो अधिकांश क्लोरोजेनिक एसिड्स नष्ट हो जाता है.

इस कारण से, सामान्य कॉफी बीन्स से ऐसा प्रभाव नहीं प्राप्त हो सकता है (हालांकि यदि आपको कॉफ़ी पीना पसंद है तो इसे पीने के कई अन्य अच्छे कारण भी हैं).

मर्दों के लिए काम करती है?

मर्दों का शरीर बिना किसी काम पर ग़लत प्रभाव डाले बड़े बोझ तथा दबाव को सहन कर सकता है, साथ ही मर्दों के शरीर को सही होने के लिए लम्बा समय चाहिए होता है. अगर कोई शरीर बहुत कमज़ोर हो जाता है तो वाइरस और बैक्टीरिया इस पर आसानी से हमला कर सकते हैं.

Green Coffee

काफ़ी मेहनती वर्कआउट्स के बाद मसल के सही होने तथा पुनर्जनन की प्रक्रिया को बढ़ाने में सहायता करती है. शुक्र है तेज़ होने वाले रक्त परिसंचरण का कि शरीर में पोषक तत्व तेज़ी से स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे जल्दी से राहत मिलती है.

Green Coffee बीन्स अर्क कैसे काम करता है … इसकी प्रणाली क्या है?

Green Coffee बीन्स के अर्क में कुछ मात्रा में कैफीन होती है.

कई अध्ययनों से पता चला है कि कैफीन चयापचय की प्रक्रिया को ३-११% तक बढ़ा सकती है .

हालांकि, इसमें मुख्य सक्रिय घटक के रूप में क्लोरोजेनिक एसिड को ही महत्व प्रदान किया जाता है.

कुछ मानव अध्ययनों से पता चलता है कि यह पाचन तंत्र से कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कम कर सकती है, जो रक्त में शुगर की मात्रा और इंसुलिन की वृद्धि को कम करता है .

यदि यह सच है, तो Green Coffee बीन्स के अर्क का सेवन करना कम कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन को खाने की तरह होगा.

अन्य अध्ययनों (चूहों में) में पता चला है कि क्लोरोजेनिक एसिड शरीर के वजन को कम कर सकता है, आहार से अवशोषित वसा के स्तर को कम कर सकता है, यकृत में जमा वसा को कम कर सकता है और वसा जलाने वाले हार्मोन एडीपोनेक्टिन के कार्य को बेहतर बना सकता है .

चूहों में क्लोरोजेनिक एसिड से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में भी काफी सुधार देखने को मिला है. जो कि हृदय रोग  के मुख्य कारक हैं .

नोट: पशुओं पर किए गए अध्ययनों में वजन बढ़ने से रोकने में Green Coffee के बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं. यह आहार में आयी कार्बोहाइड्रेट की कमी, या किसी अन्य प्रणाली के माध्यम से हो सकता है.

मानवों पर आधारित अध्ययन क्या कहते हैं?

Green Coffee बीन्स के अर्क पर मानवीय द्रष्टिकोण से भी कई अध्ययन हुए हैं.

इन अध्ययनों को तथाकथित रूप से यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण कहते हैं, जो कि मनुष्यों में वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए एक श्रेष्ठ मानक है.

दोनों समूहों में ३० अधिक वजन वाले व्यक्ति शामिल हुए और यह परिक्षण १२ सप्ताह तक चला.

दो समूहों में से एक समूह ने नियमित रूप से रेगुलर इंस्टेंट कॉफी का सेवन किया, जबकि दूसरे समूह ने २०० मिलीग्राम Green Coffee बीन्स अर्क से समृद्ध इंस्टेंट कॉफी का सेवन किया.

किसी भी समूह को उनके आहार या व्यायाम की आदतों को बदलने का निर्देश नहीं दिया गया.

अन्य अध्ययन

कई अन्य अध्ययनों ने Green Coffee बीन्स के अर्क को उपयोग में लाने वाले लोगों में भारी वजन घटने की सूचना दी है.

हालांकि, इस बात को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है कि इनमें से कुछ अध्ययनों को उन कंपनियों द्वारा ही प्रायोजित किया गया था जिन्हें Green Coffee बीन्स की बिक्री से लाभ होता है.

इसका एक मात्र अर्थ यही नहीं है कि ये परिणाम असत्य ही होंगे, लेकिन यह तो ज्ञात है कि अध्ययन करवाने वाले का परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है. इस कारण से, उद्योगों द्वारा वित्त पोषित शोधों पर अतिरिक्त संदेह की सुई का घूमना स्वाभाविक है.

२०११ में, Green Coffee बीन्स के अर्क की समीक्षा से निम्न निष्कर्ष प्राप्त हुए:

“… इन परीक्षणों के परिणाम प्रभावी हैं, लेकिन अध्ययनों में खराब पद्धतियों का पालन किया है. वजन घटाने के उपकरण के रूप में Green Coffee बीन्स के अर्क की उपयोगिता का आंकलन करने के लिए हमे और भी अधिक कठिन परीक्षणों की आवश्यकता है.”

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