लिंग वृद्धि के तरीके – लिंग वृद्धि व्यायाम

लिंग वृद्धि व्यायाम:

१- गर्म कपडे से वार्म अप

किसी भी लिंग वृद्धि अभ्यास को शुरू करने से पहले यह प्रक्रिया अतिआवश्यक है क्योंकि यह लिंग के ऊतकों में रक्त के प्रवाह को बढ़ा देती है. इसके अलावा, यह त्वचा को अधिक लचीला बनाती है, जिससे व्यायाम करना आसान हो जाता है और चोटों लगने की स्थिति भी कम हो जाती है. इसे निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:

  • गर्म पानी में एक तौलिया को भिगो दें और उसके बाद लिंग और टेस्टिकल्स के चारों ओर इसे लपेट लें, आप शुरुआत में असहज महसूस करेंगे, लेकिन फिर गर्मी अधिक आरामदायक हो जाएगी, तौलिया को दो मिनट के लिए ऐसे ही रहने दें और फिर इस प्रक्रिया को फिर से ३ बार दोहराएं.
  • लिंग में रक्त प्रवाह को बढ़ाने के लिए लिंग की कोमल मालिश के साथ आप जकूज़ी या हॉट टब जैसे अन्य उपायों का भी उपयोग कर सकते हैं. आपको १० मिनट से अधिक समय के लिए इनमें नहीं रहना चाहिए.

२- लिंग वृद्धि के लिए जेल्क विधि:

यदि कोई व्यक्ति अपनी किशोरावस्था से ही इस विधि को वयस्क होने तक करता रहे तो यह विधि लिंग को १० इंच से अधिक लम्बा और ७ इंच से अधिक मोटा बना सकती है, वयस्क होने के बाद इसे सप्ताह में केवल एक बार करना भी बहुत होगा.

जेल्क विधि कैसे काम करती है?

  • यह कॉर्परा कावर्नोसा में रक्त प्रवाह को बढ़ाती है जो शाफ्ट कोशिकाओं के विकास में वृद्धि करेगा.
  • यह विधि मांसपेशियों के फाइबर को फाड़ देती है, और फिर आराम के समय, ये तंतु मजबूत और बड़े हो जाते हैं.
  • यह लिंग में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है जिससे लिंग का आकार बढ़ जाता है.

आपको अंतर कब दिखने लगेंगे?

५ सप्ताह के प्रयोग के बाद आपको अपने लिंग के आकार में हल्का अंतर नज़र आने लगेगा, और शुरुआत के ६ महीनों तक आपको कोई बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं दिखाई पड़ेगा. १ साल के बाद, आपको लिंग के आकार में ३ इंच की वृद्धि देखने को मिलेगी और लिंग का कडापन भी और टिकाऊ हो जाएगा.

जेल्क विधि कैसे की जाती है?

अधिकतम लाभ के लिए, इसे हर दिन निम्नलिखित चरणों में किया जाना चाहिए:

  • १. इसको शुरू करने से पहले आपको पहले बताए गए नियम के अनुसार गर्म कपड़े से लिंग को गर्म करना होगा.
  • २. हल्के खड़े हुए लिंग के आधार को अपने अंगूठे और उंगलियों से पकड़ें, २ उंगलियों का उपयोग करते हुए एक गोले की आकृति बनायें, और इस तरह आप रक्त परिसंचरण को काट देंगे जिसके परिणामस्वरूप कोशिकाओं में अधिक रक्त संग्रह होगा.
  • ३. अपने हाथ को लिंग के टोपे की तरफ दूध दुहने की तरह बढ़ाना चालू कर दें और इस तरह से आपके लिंग की कोशिकाओं में अधिक रक्त भर जायेगा.
  • ४. जब आप अपने दाहिने हाथ से लिंग के टोपे तक पहुंच जाएँ, तो लिंग के आधार को अपने बाएं हाथ से फिर से पकड़ें, और वैसे ही करें जैसे आपने अपने दाहिने हाथ से किया था.
  • ५. २०-२५ मिनट के लिए इस अभ्यास को जारी रखें.

जेल्क विधि के बारे में नोट्स:

  • लिंग के टोपे पर मामूली चोट या लाल निशान आना सामान्य बात है. वे जल्दी ही गायब हो जाएंगे. इससे बचने के लिए, धीरे-धीरे इस अभ्यास को शुरू करें और फिर गति को धीरे-धीरे ही बढ़ाएं.
  • लाभ को पाने के लिए, इस अभ्यास को हल्के खड़े लिंग पर ही किया जाना चाहिए.
  • आपको लिंग के टोपे की कोशिकाओं में सामान्य से अधिक रक्त भरने के लिए अधिक से अधिक धक्का देना होगा, रक्त का बढ़ा हुआ यह संग्रह लिंग के टोपे के रंग को गहरे लाल रंग का बना देगा जो एकदम सामान्य है.

जेल्क विधि के बारे में सामान्य प्रश्न:

  • इस विधि के दौरान कितना दबाव इस्तेमाल किया जाना चाहिए?

हर व्यक्ति की सहन करने की क्षमता के अनुसार इसका दबाब भी अलग-अलग व्यक्तियों पर अलग-अलग ही होगा. उदाहरण के लिए, यदि हम दबाब को १ (बिल्कुल दबाव नहीं) से १० (सहन न होने वाला दबाव) के स्तर पर मापें, तो दबाव की मात्रा ५ से ७ के बीच की होनी चाहिए.

  • क्या होगा यदि मैं व्यायाम के दौरान हल्के खड़े लिंग को बरकरार न रख सकूं?

आपको यह याद रखना होगा कि अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए हल्के खड़े लिंग के साथ अभ्यास करना ही महत्वपूर्ण है और यदि आप हल्का कठोरपन खो देते हैं तो आप कुछ भी ऐसा कर सकते हैं जिससे आपका लिंग फिर से उसी स्थिति में वापस आ जाये.

  • अगर इस अभ्यास के दौरान मेरी त्वचा बहुत अधिक ढीली हो जाये तो क्या होगा?

कुछ पुरुषों में यह सामान्य है और इस समस्या से निज़ात पाने के लिए आप एक हाथ से ज्यादा त्वचा को पीछे पकड़ सकते हैं और दूसरे हाथ से जेल्किंग कर सकते हैं और हर २५ झटकों के बाद अपने हाथों के कार्य को आपस में परिवर्तित कर दें.

  • हल्के खड़े लिंग से हमारा क्या तात्पर्य है?

हल्के खड़े लिंग में रक्त की मात्रा खड़े लिंग की मात्रा की ३/४ होती है और इसे लिंग के टोपे के रंग से पहचाना जा सकता है, यह गहरे लाल बैंगनी रंग का होना चाहिए.

  • सम्भोग से पहले या बाद में इस व्यायाम को करना बेहतर होगा?

चाहें आप सम्भोग से पहले या बाद में इस व्यायाम को करें, इसके परिणामों में कोई भी अंतर नहीं होता है. जब भी आपके पास पर्याप्त समय हो, आप इसे कर सकते हैं.

जेल्क विधि से अधिकतम लाभ कैसे प्राप्त करें:

  • प्रथम सप्ताह:

प्रति दिन २५०-३०० बार जेल्क्स करके इसकी शुरूआत करें और इसके साथ में पीसी फ्लेक्स (१००-१२५ पीसी फ्लेक्स दैनिक) को जोड़ाना और भी बेहतर होगा.

नोट: पीसी फ्लेक्स को बाद में समझाया जाएगा.

  • दूसरा सप्ताह:

प्रति दिन २००-२२५ पीसी फ्लेक्स के साथ १०-१५ मिनट के लिए जेल्क व्यायाम करें. और याद रखें, यह दर्द रहित होना चाहिए. यदि आपको दर्द होता है, तो आपको इसे तुरंत रोक देना चाहिए और अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.

  • तीसरा सप्ताह:

प्रति दिन ३००-३२५ पीसी फ्लेक्स के साथ ३० मिनट के लिए जेल्क व्यायाम करें.

३- लेंस वृद्धि के लिए प्यूबोकॉसिजियस (पीसी) फ्लेक्स व्यायाम:

पीसी मांसपेशी प्यूबोकॉसीजियस मांसपेशियों को दर्शाती है और यह प्यूबिक हड्डी से होकर कोक्सीक्स तक फैली हुई होती है और यह मांसपेशी स्खलन और कड़ेपन के लिए ज़िम्मेदार होती है और इसका उपयोग पेशाब को नियंत्रित करने के लिए भी किया जाता है.

जब आप पेशाब करते हैं तो मूत्र के प्रवाह को बीच में रोक कर आप इसका पता लगा सकते हैं, आपके पेशाब के रोकने की वजह से यह मांसपेशी अपने आप को संकुचित करेगी, आप इसे टेस्टिकल्स के पीछे और गुदा के सामने के क्षेत्र में महसूस कर पायेंगे.

पीसी फ्लेक्स व्यायाम के लाभ:

  • १. यह नपुंसकता से बचाता है.
  • २. यह स्खलन को नियंत्रित करता है और यह व्यायाम समय से पहले और हल्के स्खलन से सुरक्षा प्रदान करता है.
  • ३. इसके परिणामस्वरूप कड़ापन बहुत ही कठोर होता है.
  • ४. यह प्रोस्टेट ग्रंथि की गतिविधि को बढ़ाता है.
  • ५. यह बाद के जीवन की समस्याओं से बचाता है जैसे कि पेशाब को नियंत्रित करने में असमर्थता (मूत्र असंतोष).

लिंग को बढ़ाने के लिए पीसी व्यायाम को कैसे करें?

  • पीसी को होल्ड करें:

जैसा कि हमने ऊपर वर्णित किया है, इसकी शुरुआत पीसी मांसपेशी को ढूंढकर होती है, उसके बाद आपको इसे कई बार संकुचित करना और छोड़ना होता है, आप शुरुआत में इसे दिन में 40 बार कर सकते हैं, फिर जब तक आप २५०-४०० प्रति दिन तक न पहुँच जाएँ तब तक धीरे-धीरे इसकी संख्या को बढ़ाते रहें. इस सरल अभ्यास की सबसे बढ़िया बात यह है कि आप इसे कहीं भी उदाहरण के लिए घर या कार्यालय में कर सकते हैं और कोई भी आपको नोटिस नहीं करेगा.

  • पीसी को संकुचित करें और इसे थामे रहें:

वार्म अप से शुरू करें और फिर १० पीसी फ्लेक्स करें जैसा ही आप १०वें फ्लेक्स तक पहुंचें, तब इस अवस्था को २५ मिनट तक थामे रखें, फिर १ मिनट के लिए आराम करें, इस पूरे अभ्यास को प्रति दिन ५ बार दोहराया जाना अच्छा होगा.

  • पीसी वृद्धि:

यह अभ्यास स्खलन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण है. कोई भी व्यक्ति पीसी मांसपेशियों को संकुचित करके स्खलन में देरी कर सकता है. यह अभ्यास धीरे-धीरे पीसी मांसपेशियों को संकुचित करके किया जा सकता है जब तक कि आप पीसी की अधिकतम कसाव वाली सीमा तक न पहुंच जाएँ, इसे १० सेकंड तक रोके रखें और फिर धीरे-धीरे ही इसे छोड़ दें.

  • पीसी एग्जॉस्टर

यह अभ्यास कठिन और बहुत जोरदार है लेकिन यह सबसे अधिक प्रभावी है. आप इसे किसी आरामदायक जगह पर बैठकर शुरू कर सकते हैं, फिर आपको ३०-५० बार मजबूत संकुचन करके वार्म अप करना होगा, और उसके बाद लिंग को १० सेकंड के लिए कसकर पकड़ लें और उसके बाद १५० पीसी फ्लेक्स करें, और जब आप अंतिम पीसी फ्लेक्स तक पहुंच जाएं, तो इसे आप जब तक हो सके तब तक कसकर पकड़ें रहें, फिर ३ मिनट के लिए आराम करें, और फिर ४० मजबूत पीसी फ्लेक्स करें.

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  • पहले और दूसरे सप्ताह में:
    कड़ापन लम्बे समय के लिए कठोर बन जाता है, लिंग की संवेदनशीलता २ गुना तक बढ़ जाती है. परिणाम नज़र आने लगते हैं – क्योंकि आपके लिंग का आकार १.५ सेमी. तक बढ़ चुका होता है.1
  • दूसरे और तीसरे सप्ताह में:
    पहले से आपके लिंग में आकार वृद्धि दर्शित होने लगती है, यह संरचनात्मक रूप से एकदम सटीक बन जाता है. सम्भोग का समय ७०% तक बढ़ जाता है!2
  • चौथे सप्ताह में और उससे आगे:
    लिंग ४ सेमी. तक बढ़ जाता है! सम्भोग का आनंद पहले से और भी अच्छा हो जाता है. ओर्गेज़्म लम्बे समय के होते हैं जो कि ५-७ मिनट तक चलते हैं!

४- लिंग वृद्धि के लिए लंबाई खिंचाव अभ्यास:

  • १. वार्म अप से शुरू करें और आपको इस अभ्यास को ढीले लिंग पर करना होगा (जेल्क विधि के विपरीत जिसे कि आधे खड़े लिंग के साथ किया जाता है) क्योंकि खड़े लिंग को फैलाना असंभव होता है.
  • २. लिंग के टोपे को धीरे-धीरे दबाब डालकर पकड़ें.
  • ३. लिंग को अपने सामने की तरफ़ खींचें और जितना अधिक हो सके उतना खींचें. दबाव महसूस करना सामान्य है लेकिन यदि आपको दर्द महसूस होता है, तो आप इसे रोक दें और फिर से इसकी शुरूआत करें.
  • ४. १५ सेकंड के लिए खिचे हुए लिंग को बरकरार रखें, और इस प्रक्रिया को ५ बार दोहराएं.
  • ५. जब आप उपर्युक्त चरणों को पूरा कर लें, तो रक्त परिसंचरण को बहाल करने के लिए लिंग को धीरे-धीरे मालिश दें.
  • ६. उपरोक्त अभ्यास को लिंग को ऊपर और नीचे दोनों तरफ खीचकर किया जा सकता है.
  • ७. ऊपर वर्णित तरीके से लिंग के टोपे को पकड़कर लिंग के किनारों को खींचें, इसे बाईं ओर खींचकर १५ सेकंड के लिए इस स्थिति को बनाये रखें और इस प्रक्रिया को ५ बार दोहराएं. उसके बाद इसी अभ्यास को दायीं दिशा में भी करें.

लिंग को बढ़ाने के लंबाई खिंचाव अभ्यास के बारे में कुछ नोट्स:

  • सर्वोत्तम परिणामों के लिए ऊपर बतलाय गए अभ्यास को जेल्क व्यायाम के साथ संयोजित करें.
  • आपको लंबाई खिंचाव अभ्यास में किसी भी प्रकार के तैलीय पदार्थ की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपको लिंग पर मज़बूत पकड़ बनानी होती है इसलिए जितना संभव हो सके लिंग उतना सूखा होना चाहिए.
  • इसे खींचने से पहले लिंग के टोपे को पकड़ना न भूलें.

५- लिंग के आकार को बढ़ाने के लिए वृद्धि एवं परिसंचरण अभ्यास:

यह अभ्यास लिंग में रक्त प्रवाह को बढ़ा सकता है और यह अभ्यास अन्य अभ्यासों (जेल्क व्यायाम) के लिए लिंग की आवश्यक स्थिति को तैयार करता है.

लिंग को पकड़ें और इसे लगभग ३० बार धीरे-धीरे चाबुक की तरह से पेट या जांघ पर मारें, और यह सुनिश्चित करें कि इस अभ्यास के दौरान किसी भी चोट से बचने के लिए आपका अंडकोश अच्छी तरह से ढका हुआ है.

समय से पहले स्खलन:

समय से पहले स्खलन क्या है?

यह अनियंत्रित स्खलन होता है जो किसी व्यक्ति की इच्छा से पहले ही हो जाता है, या तो योनि में लिंग को डालने से पहले या फिर डालने के तुरंत बाद ही, जिसके परिणामस्वरूप दोनों ही व्यक्तियों को असंतोषजनक यौन अनुभव होता है.

समय से पहले होने वाले स्खलन से कैसे बचें?

  • १. आपको अपने ना वापसी वाले बिंदु को खोजना होगा, यह वह बिंदु है जिस पर आपका पानी निकल ही जायेगा और आप खुद को स्खलन से रोक नहीं पायेंगे. आप इस बिंदु को १-१० नामक अभ्यास के माध्यम से खोज सकते हैं. इस व्यायाम में नंबर 1 उत्तेजना संवेदना की शुरुआत को संदर्भित करता है और नंबर १० संभोग और स्खलन होने को दर्शाता है, इसलिए नंबर ९ स्खलन से पहले का बिंदु है और यह वही बिंदु है जहाँ से आप वापस नहीं आ सकते हैं. जब आप हस्तमैथुन करते हैं और ८ नंबर के बिंदु तक पहुंच जाएँ तो फिर स्खलन की इच्छा को मारकर फिर से शुरूआत करें. हस्तमैथुन करें, हस्तमैथुन बंद करें, फिर हस्तमैथुन करें, और १५ मिनट के अभ्यास के बाद आप पानी छोड़ सकते हैं.
  • २. समय से पहले होने वाले स्खलन से बचने का एक और तरीका पीसी अभ्यास है जिसे पहले ही समझाया जा चुका है.
  • ३. लॉकिंग विधि:

सेक्स का आनंद लेते समय यदि आप बहुत उत्साहित महसूस करें, तो योनि से लिंग को बाहर निकाल लें और केवल लिंग के टोपे को ही योनि के अंदर रहने दें और फिर ३० सेकंड तक प्रतीक्षा करें जब तक कि उत्तेज़ना कम न हो जाए, उत्तेजना कम हो जाने के बाद फिर उसी बिंदु से शुरू करें जहां आपने छोड़ा था .

कठोर लिंग, लम्बे समय तक कठोरता बरक़रार रखने वाली महत्वपूर्ण युक्तियाँ:

  • १- आहार: – कम वसा, उच्च फाइबर वाले भोजन को गृहण करें, क्योंकि ऐसा पाया गया है कि रक्त में कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर से लिंग की रक्त वाहिकायें अवरुद्ध हो सकती हैं जिससे नपुंसकता आ सकती है. आपके आहार में जिंक की थोड़ी मात्रा अवश्य ही होनी चाहिए जो टर्की, सेरेल, भेड़ के बच्चे, लीन बीफ, क्रैबमीट और ऑयस्टर में होता है.
  • २- धूम्रपान बंद करें.
  • ३- बहुत सारे व्यायाम जारी रखें.
  • ४- अधिक बार कड़ेपन को लाने से लिंग की मांसपेशियों के ऊतक ठीक तरह से ऑक्सीजनयुक्त रहते हैं.
  • ५- लिंग के निचले भाग पर अपनी इंडेक्स फिंगर रखें और अपने अगूंठे को लिंग के टोपे पर रखें. एक गहरी सांस लें और फिर लिंग के आधार से लिंग के टोपे की तरफ लिंग को एक झटके में निचोड़ें. इससे लिंग के टोपे में अधिक रक्त जाएगा. इस अभ्यास को प्रति दिन ९ बार दोहराया जाना चाहिए.

लिंग वृद्धि व्यायामों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

– मुझे अभ्यास कब शुरू करने चाहिए?

कुछ पुरुष व्यायाम सुबह में करना पसंद करते हैं और कुछ लोग सोने से पहले रात में व्यायाम करना पसंद करते हैं. इसलिए व्यायामों को सुविधानुसार किसी भी समय किया जा सकता है.

– क्या मैं अभ्यास से पहले या इसके दौरान किसी भी समय अपना पानी निकाल सकता हूँ?

अभ्यास शुरू करने के कुछ घंटे पहले स्खलन नहीं करना चाहिए और व्यायाम करने के कुछ घंटे बीतने तक भी स्खलन नहीं करना चाहिए. स्खलन के दौरान हमारे शरीर में कई रासायनिक परिवर्तन होते हैं, जैसे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स के स्तर में कमी, शरीर के सभी संयोजी ऊतकों में कसाव आदि.

– जेल्क व्यायाम के दौरान दर्द महसूस होना सामान्य है या नहीं?

अभ्यास के दौरान थोड़ी सी असुविधा का अनुभव होना सामान्य है, लेकिन यदि आपको तेज या भयानक दर्द महसूस होता है या यदि लिंग पर घाव दिखाई देते हैं तो आपको इस व्यायाम को कुछ दिनों के लिए बंद कर देना चाहिए. इससे बचने के लिए, अभ्यास करने से पहले हमेशा वार्म अप करना चाहिए.

– मुझे लिंग के आकार में वृद्धि कब दिखने लगेगी?

आपको पहली बार लिंग के आकार में वृद्धि शुरुआत के २ से ३ सप्ताह के बाद दिखने लगेगी, जब तक कि आप अपने अभ्यास को पूरी तरह कायम रखते हैं.

– अगर मेरा लिंग जेल्क व्यायाम के दौरान एकदम कठोर हो जाए तो क्या होगा?

यदि आप खड़े लिंग पर व्यायाम करेंगे तो आप अपने आप को चोट पहुंचा सकते हैं. इसलिए इसके ठंडे होने तक प्रतीक्षा करें.

– क्या मैं रोजाना दो बार व्यायाम कर सकता हूँ?

नहीं, यह करना अच्छा नहीं होगा. शरीर के ऊतकों की उपचार प्रक्रिया के लिए आवश्यक समय ४८ घंटे का होता है और यह ऊतकों के प्रकार पर भी निर्भर करता है. मांसपेशियों के ऊतक, तंत्रिका ऊतकों की तुलना में उपचार में कम समय लेते हैं. यदि आप प्रतिदिन दो बार इन अभ्यासों को करते हैं, तो लिंग के ऊतकों को पूरी तरह से ठीक होने का पर्याप्त समय नहीं मिलेगा. इसलिए अगर अनुचित या अक्सर अभ्यास किया गया तो यह लिंग के लिए हानिकारक हो सकता है.

– मैं इन विधियों का कितने समय तक अभ्यास कर सकता हूँ?

यदि आप चाहें तो आप इन अभ्यासों को हमेशा कर सकते हैं और आपको हर साल अपने लिंग के आकार में १/२ इंच की वृद्धि दिखेगी.

– क्या मैं सप्ताह के सातों दिनो इन अभ्यासों को कर सकता हूँ?

नहीं. आपको अपने लिंग को ७ में से कम से कम २ दिन के लिए विश्राम देना होगा क्योंकि यह विश्राम अवधि उपचार प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है.

– यदि मेरे पास एक बार में ही व्यायाम को करने के लिए पर्याप्त समय नहीं हैतो क्या मैं उन्हें दिन के दौरान थोडा-थोडा कर के कर सकता हूँ?

हाँ, आप ऐसा कर सकते हैं.

अंतिम अपडेट: २०१८-०५-२

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